हमारा उद्देश्य शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और संभावी ऋषिवादी भारत का निर्माण करना है। “संभाव से राष्ट्र सेवा ही ऋषिवाद का दर्शन है।” - एड़वोकेट नरेश कुमार कश्यप संस्थापक ऋषिवादी विचारधारा

ऋषिवादी कश्यप पार्टी

Latest News

ऋषिवादी पार्टी ने “संस्कार भारत” अभियान की शुरुआत की

ग्रामीण विकास के लिए ऋषिवादी पार्टी का ‘ग्रामोदय मिशन’ लॉन्च

ऋषिवादी पार्टी ने महिला सशक्तिकरण पर नया संकल्प पत्र जारी किया

युवाओं के लिए ऋषिवादी पार्टी का ‘स्टार्टअप संस्कार’ कार्यक्रम शुरू

पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘हरित राष्ट्र अभियान’ की घोषणा

किसानों के लिए नई “ऋषि कृषि योजना” लागू करने का वादा

ऋषिवादी पार्टी ने ‘एक भारत, एक संस्कृति’ प्रस्ताव पेश किया

ऋषिवादी पार्टी ने शिक्षा में वैदिक पाठ्यक्रम जोड़ने की मांग की

राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में ऋषिवादी पार्टी का संदेश — “संस्कार से राष्ट्र निर्माण”

ऋषिवादी पार्टी ने 2025 को ‘आध्यात्मिक पुनर्जागरण वर्ष’ घोषित किया

ऋषिवादी विचारधारा का उदय, संकल्प एवं संघर्ष

ऋषिवादी विचारधारा उदय दिवस — गंगातट, शुक्रताल
हमारा संकल्प

“ऋषिवादी कर्म शील यंग परमार्थी पार्टी” के नेतृत्व में हम ऐसा भारत बनाएँगे जहाँ न कोई छल होगा, न कपट, बल्कि पारदर्शिता, सेवा और समर्पण का भाव से एक सशक्त, नैतिक और आत्म निर्भर ऋषिवादी भारत का निर्माण होगा । आप सभी देशभक्त नागरिकों से निवेदन है कि आप भी इस अभियान से जुड़ें और “ऋषिवादी विचारधारा” के प्रसार में योगदान दें ।

4 November 2023   |   11:14 AM


ऋषिवादी संकल्प कार्यक्रम
ऋषिवादी विचारधारा

भारत विश्व का सबसे सुंदर लोकतांत्रिक देश है। हमारे नागरिक लोकतंत्र के महत्व को भलीभांति समझते हैं और जानते हैं कि देश की सरकारें नागरिकों द्वारा ही चुनी जाती हैं। हर चुनाव में पाँच वर्ष बीत जाने के बाद जनता फिर उसी स्थिति में लौट आती है। समस्याएँ कम होने के बजाय बढ़ती जाती हैं। अब परिवर्तन की आवश्यकता है — और यह परिवर्तन केवल वोट डालने से नहीं, बल्कि सोच बदलने से आएगा। ऋषिवादी विचारधारा नागरिकों को यह प्रेरणा देती है कि वे अपने कर्तव्यों के पालन से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ । ऐसा होने पर “ऋषिवादी कर्मशील यंग परमार्थी पार्टी” का संकल्प “छल नहीं, अब हल होगा — ऋषिवाद से उज्ज्वल कल होगा ।” सार्थक होगा ।

26 February 2024   |   11:14 AM


ऋषिवादी संघर्ष
ऋषिवादी विचारधारा

राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हुए आपने राजनीति के स्वरूप में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु एक नई वैचारिक धारा — ऋषिवादी विचारधारा — का सूत्रपात किया, जो आज आपकी पहचान बन चुकी है। स्वतंत्रता के बाद भारतीय राजनीति धीरे-धीरे अपने नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होती चली गई। जनता के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय राजनीति स्वार्थ, छल और कपट का माध्यम बन गई। इसी स्थिति को बदलने और राजनीति को फिर से जनसेवा के मार्ग पर लाने के लिए अधिवक्ता नरेश कुमार कश्यप ने ऋषिवादी विचारधारा की स्थापना की। यह विचारधारा भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों पर आधारित है, जिसमें मानवता, नैतिकता और सेवा की भावना का समावेश है। ऋषिवादी दृष्टिकोण राजनीति को साधना के रूप में देखता है, न कि सत्ता प्राप्ति का साधन। इस विचारधारा के अनुसार, राजनेता जनता के सेवक हैं, न कि शासक। समाज के कल्याण के लिए राजनीति को पुनः आदर्श मार्ग पर लाने का यह प्रयास आज एक नई दिशा दे रहा है। इस ऋषिवादी विचारधारा का लक्ष्य राष्ट्र निर्माण में नैतिकता, पारदर्शिता, ईमानदारी और सम्भाव को सर्वोपरि रखना है।

25 September 2024   |   11:14 AM


हमारे बारे में

logo

“ऋषि” शब्द केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि एक जीवन दृष्टि है। यह व्यक्ति के भीतर की आध्यात्मिकता, करुणा, और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है। अंकों के विज्ञान (Numerology) में “ऋषि” नाम का अंक 9 माना गया है। जो सृष्टि के संतुलित संचालन का प्रतीक माना गया है। मानव शरीर में भी 9 छिद्र होते हैं, जो यह दर्शाते हैं कि शरीर संतुलित संचालन 9 के सिद्धांत पर आधारित है। इस चिंतन के आधार पर यह मत स्थापित किया गया है कि ‘9’ अंक संतुलन और संयम का प्रतीक है। इसी दृष्टिकोण से ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्’ की भावना पर चलना ही पार्टी का मूल मार्गदर्शन है। “ऋषि” नाम का 9 यह अंक उन गुणों से जुड़ा है जो एक सच्चे राष्ट्रनिर्माता के भीतर होने चाहिए — आध्यात्मिकता, दयालुता,पोषण, निष्ठा, और नवाचार

Gallery

Scroll to Top